धन्यवाद राजस्थान पत्रिका ,
जब शनिवार का अख़बार हाथ में लिया तो एक नई आशा की किरण नज़र आई . पत्रिका ने युवावों की बदलती सोच का सटीक अनुमान लगाया है एवं इस दिशा में सकारात्मक कदम भी उठायें है . हमेशा की तरह नट - नटियों की ख़बरों से भरे Bollybood परिशिस्ठ की जगह क्रन्तिकारी परिशिस्ठ ME Next देना निश्चय ही पत्रिका का सामाजिक सरोकारों की तरफ प्रतिबद्ध होना दर्शाता है .